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हाल ही में फ़िल्म रिलीज़ होने से पहले विवाद जैसे रस्म बन गई है लेकिन यह विवाद हमेशा लोगों की संवेदनाओं से जुड़े हों ऐसा भी नहीं होता. सेंसर बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी का कहना है कि कुछ विवाद तो फ़िल्म को प्रचार दिलाने के लिए किए जाते हैं. सेंसर बोर्ड की कोशिश यह होती है कि इन्हें दरकिनार कर लोगों की संवेदनाओं को ठेस पहुंचाने वाले विवादों को विमर्श कर निपटाया जाए. उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि लोगों के सम्मान के साथ फिल्म निर्माताओं से संतुलन बनाए रखें. प्रसून जोशी ने यह बात कुमाऊं विश्वविघालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही. प्रसून जोशी को विश्वविद्यालय ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाज़ा है. इस मौके पर ‘केदारनाथ’ फ़िल्म पर विवाद को लेकर जोशी ने कहा कि यह मामला अभी सामने नहीं आया है, जब आएगा तो उसका हल निकाला जाएगा.from Latest News उत्तराखंड News18 हिंदी https://ift.tt/2BF677a

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