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दरअसल यूरिया प्लांट में टॉवर की ऊंचाई हवा की औसत रफ्तार के बाद तय की जाती है. इसके लिए एचयूआरएल की टीम ने करीब महीने भर हवा की रफ्तार को लेकर सर्वे किया गया था. तब इतनी ऊंचाई पर टॉवर बनाया गया है.from Latest News उत्तर प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2PiBprD

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